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लेखनी प्रतियोगिता -18-Dec-2022- दोस्ताना

राम श्याम दोनों छोटी दूरी से दोस्त थे. दोनों अनाथ थे. एक दिन चिनचोली गाँव आया. मंदिर में सो गया.गाँव के लोगों ने उनसे पूछा कि वे कहाँ से आए हैं. लेकिन वे बता नहीं सकते थे. दोनों ने उस गांव में रहने का फैसला किया. रामू अंडरफुट था. गाँव के लोग बच्चों की तरह खाना खिला रहे थे. मंदिर में सोने के लिए युवक और चादर को शुद्ध किया गया था. जांच कर रहे हैं कि पुलिस स्टेशन से किसके बच्चे हैं. बच्चा थोड़ा बढ़ा. रात को स्कूल जाना शुरू किया. दिन बेकरी में बारिश को बेचने और मालिक के करीब लाने के लिए इस्तेमाल किया गया था. और वह इसे अपनी मजदूरी के रूप में इस्तेमाल करता था.  और जब स्कूल गया, तो वह मंदिर में सो गया और उसने जो पैसा दिया उसमें कुछ खाया. कुछ साल हो गए. दोनों ने दसवां पास किया. और फिर गाँव के लोगों ने उन्हें 18 साल बाद लघु उद्योग के लिए ऋण लेने की सलाह दी और उन्होंने किया. राम लाजू को शुरुआती कर्ज मिला. चूंकि उन्होंने यह रद्द कर दिया था कि बेकरी ने बीच में माल कैसे बनाया, उन्होंने जो पैसा इकट्ठा किया था उसमें एक घर किराए पर लिया और बीच में कुछ मशीनरी ऋण लिया. और रोटी बनाना शुरू कर दिया, तालू केक. राम होने के नाते, वह बेकरी में बैठते थे और एक शर्मीली साइकिल पर बनी चीजों को बेचते थे. बेकेरी का नाम रामशाम था. कुछ दिनों में उनकी बेकरी प्रकाश में आई. 

उनका बेकरिटली माल एक अलग गाँव में बेचा जाने लगा. उन्होंने 2 मजदूर लगाए. ये दो सच्चे दोस्त अपना व्यवसाय अच्छी तरह से करने लगे. चिनचोली गाँव के लोगों ने आपकी मदद की. वे दोनों जानते थे कि वे हम पर बहुत एहसान करते हैं.

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7 Comments

Nice 👍🏼

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Punam verma

19-Dec-2022 09:45 AM

Very nice

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Abhinav ji

19-Dec-2022 09:05 AM

Nice

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